ट्रंप का दावा- 'ईरानी नेताओं को डर कहीं जनता ही उन्हें ना मार दे' - BBC News हिंदी

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरानी नेता इस बात को स्वीकार करने से 'डरते हैं' कि वे अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरानी नेता इस बात को स्वीकार करने से 'डरते हैं' कि वे अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक फंडरेज़िंग डिनर में यह बयान दिया है.
ट्रंप ने ईरानी नेताओं के दावों का खंडन किया है कि उन्होंने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की डील को ठुकरा दिया है और वे बातचीत नहीं करना चाहते. उन्होंने ईरानी नेताओं के दावे को ग़लत बताते हुए कहा, "वे बातचीत कर रहे हैं." ट्रंप का कहना है, "वे (ईरान) किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहते हैं.
लेकिन वे यह कहने से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ईरान के लोग ही उन्हें मार डालेंगे." ट्रंप ने कहा, "उन्हें इस बात का भी डर है कि हम उन्हें मार डालेंगे." इससे पहले, अमेरिका की ओर से संघर्ष विराम के लिए 15 सूत्रीय प्लान दिए जाने की ख़बरों के बीच ईरान ने संघर्ष विराम समझौते के लिए अपनी शर्तें बताईं.
ईरान के सरकारी टीवी चैनल 'प्रेस टीवी' के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. यह जानकारी एक वरिष्ठ राजनीतिक-सुरक्षा अधिकारी के हवाले से दी गई है.
प्रेस टीवी ने उस अधिकारी का नाम या पद नहीं बताया, लेकिन अधिकारी के हवाले से कहा, "ईरान युद्ध अपनी शर्तों पर युद्ध ख़त्म करेगा." ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा है कि ‘कई दिनों से अमेरिका ने अलग-अलग मध्यस्थों के ज़रिए संदेश भेजना शुरू कर दिया है.’ अराग़ची ने ईरान के सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में यह बयान दिया है.
उनका कहना है कि ये संदेश “मित्रवत देशों के ज़रिए भेजे गए”, और ईरान ने अपनी “स्थिति बताई है और चेतावनी देकर” इसका जवाब दिया है.
अराग़ची ने कहा, “यह न तो बातचीत है, न मोल-भाव और न ही ऐसा कुछ है.” उन्होंने कहा, “ईरान की नीति अब भी अपनी सुरक्षा करने की है और ‘’अभी बातचीत का कोई इरादा नहीं’ है.” अराग़ची ने आगे कहा, “यह इसराइल की लड़ाई है और अमेरिका के साथ ही इस इलाक़े के लोग इसकी कीमत चुका रहे हैं.” बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है.
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